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Friday, July 23, 2010

टेस्ट ड्राइव

देखो मैं सम्हाल के चला रहा हूँ
अरे कितना आगे निकल आया मै तो...

अभी ही पिछले टर्न पे
टकरानी चाही थी जीमेल वाली कुछ चोचले,
मेरे क्रोस करने से पहले
'मिस यु' वाली लाइने उभरी थी स्क्रीन पे
मैंने जानबूझ के नज़र फेर ली !

ओफो अब इन पिकासा से कौन बचे
आके साइड मिरर को तोड़ते निकल गयी
एडिटिंग किये वो साथ वाली पिक्चरे
देखो कैसे हंस रही है मुझ पर
ठिठोली करती है, कहती है -
'अब मुझे ही देखते रहो ज़िन्दगी भर,
आगे तो तनहा कटना है ज़िन्दगी '

वो जी-टॉक ने तो आदत बिगाड़ दी है मेरी,
तबियत खुश रहा करता था न
उनके चेहरे के बाजु
ग्रीन वाले बुँदे को देखकर
सुकून रहता था की वो साथ है मेरे !
अब बस टप टप दबाते रहते है
उस कोने वाले लेटर जैसे आइकॉन को,
पर पता नहीं उन ग्रीन बूंदों ने ग्रे रहना कैसे सीख लिया!
मैंने भी दांत किटकिटा कर
गूगल को दो चार गालिया मार लिया!

किसी तरह बच के निकल ही गया दिन तो
पर अब रात होने को आई...
ढूंढ़ते ढूंढ़ते थक गया हूँ
मोबाइल स्क्रीन पर याद करने से पहले
'स्वीटू' जैसे उभरते नाम
लो अभी लाइट जैसी आहट हुई पर
किसी ने बड़े अदब से सलाम कर
सामान की टोकरिया फैला दी मेरे आगे,

कोई उन्हें बताये की
मेरे पास अब सामान सहेजने की जगह नहीं,
दिल के हर टुकडो में
ठूस ठूस के भर रखी है मैंने कितनी यादे,
वो हवा से बिखरी बालो का उनके मुह पे चिपक जाना
और मेरा उन बालो को सम्हाल कर
उनके कान के दगिचे में फ़साना,
वो कसमकस
जब पास होके भी दूर दूर बैठे थे
और चाहत कि उनके बाहों में आए
उनके गोद में सर रखे,
वो उनके बोसे के निशानात
जो अभी तक ताज़े है मेरे अधरों पे
और उनका कहना कि मेरी दाढ़ी गड़ती है उसे....

ऐ अब और नहीं गिनाऊंगा मै यादो को,
देखो कैसे ये आंसू छलक आए है मोटे मोटे,
प्यार को भी गम ही ज्यादा रास आता है,
खुशियाँ गिनू तो ऊँगली भर भी न आए
और गम इतना की आंसू बहाता रहू और उम्र न बचे...

मै भी किन बातो में आ फसा
अब याद आया की मेरी ज़िन्दगी फ़सी पड़ी है,
वही ज़िन्दगी जिसको टेस्ट ड्राइव पे डाल दी है उसने,
कहती है - कुछ दिन दूर रह के देखते है,
सीखते है कि कैसे दूर रहना है हमें,
अब देखो रह लिया न...

ना उसे कुछ ना बताऊ मै,
कि कितनी टक्कर खाई मैंने,
अब यादो का बोझा मुझसे न उठाया जाता,
एक एक पल कैसे बीत रहा मेरा,
हलक में जान आ फसी है मेरी ...

मै बस अपने चेहरे पे पानी उधेल कर
आसुओ को छुपा दूंगा,
फिर बड़े जोर से हंस के कहूँगा -
बड़ी अच्छी चल रही है मेरी...

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